ऋषिकेश। मौनी अमावस्या पर बुधवार को ऋषिकेश के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। भोर से ही गंगा घाटों पर स्नान का शुरू हुआ सिलसिला देर दोपहर तक चला। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ पितरों की आत्मशांति के लिए तर्पण और दान भी किया। बुधवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट, दत्तात्रेय घाट, नाव घाट, रामानंद घाट, साईं घाट, 72 सीढी घाट, मुनिकीरेती में शत्रुघ्न घाट, दयानंद घाट, पूर्णानंद घाट, स्वर्गाश्रम में सीता घाट, राम घाट, लक्ष्मणझूला घाट आदि जगहों पर श्रद्धालु उमड़े। यहां तड़के से ही श्रद्धालुओं का गंगा स्नान शुरू हो गया था। जो दोपहर तक चलता रहा। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डूबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की और पितरों की आत्मशांति के लिए तर्पण भी किया। तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है और इस दिन स्नान और दान से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
गंगा घाट आने वाली सड़कों पर लगा जाम : मौनी अमावस्या के चलते बुधवार को तीर्थनगरी में गंगा स्नान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। ऐसे में गंगा घाट की ओर आने वाले तमाम रास्तों पर वाहनों और पैदल राहगीरों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति देखी गई। कई जगहों पर पुलिस ने जाम की समस्या को देखते हुए रूट भी डायवर्ट रखे।