ज्योतिर्मठ। बारिश और बर्फबारी से दुश्वारियां भी बढ़ने लगी हैं। बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के काम दो दिनों से ठप पड़े हुए हैं। दो दिन मौसम के अलर्ट को देखते हुए मास्टर प्लान के कार्यों में लगे मजदूरों को वापस पांडुकेश्वर बुला दिया गया है। करीब 50 मजदूर पांडुकेश्वर आ गए हैं। यदि शनिवार तक भी बारिश जारी रहती है और मौसम में सुधार नहीं आता है तो मजदूरों को ज्याेतिर्मठ बुला लिया जाएगा। फिलहाल पीआईयू के अभियंता भी बदरीनाथ से लौट आए हैं।
इधर बारिश से नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क पर डामरीकरण कार्य रुक गया है। बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन और भू-धंसाव क्षेत्रों में चल रहा सुधारीकरण कार्य भी प्रभावित हो गया है। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर फिसलन हो गई है। सिरों गांव के गोविंद सिंह सजवाण का कहना है कि उन्हें अपने गांव तक जाने के लिए चार किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। कई जगहों पर रास्ता फिसलन भरा हो गया है। लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है।
सेब, नाशपाती के लिए बारिश नुकसानदायक: कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश गेहूं और जौ के साथ ही दालों के लिए बेहद लाभदायक है। जिला कृषि अधिकारी जेपी तिवारी का कहना है कि गेहूं और जौ के साथ ही मसूर की दाल की अच्छी पैदावार हो जाएगी। इस समय आलू की बुवाई चल रही है और बारिश से भूमि में नमी आ जाएगी। आगामी दिनों में चैती धान और मंडुवे की बुवाई के लिए भी यह बारिश अमृत के समान है। जिला उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह का कहना है कि सेब, नाशपाती, आडू, चीकू, पोलम के लिए यह बारिश नुकसान करेगी। इन दिनों फ्लावरिंग हो रही है तो बारिश से फूल झड़ जाएंगे।