ऋषिकेश। देहरादून का जौलीग्रांट एयरपोर्ट अब देश के अत्याधुनिक हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल हो गया है। रविवार को केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने राजकोट से वर्चुअल माध्यम से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर ‘डिजी यात्रा’ सुविधा का शुभारंभ किया। इस तकनीक के शुरू होने से यात्रियों को अब कागजी दस्तावेजों और लंबी कतारों के झंझट से छुटकारा मिलेगा। एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि डिजी यात्रा सुविधा के तहत यात्रियों को केवल अपना चेहरा दिखाना होगा और उन्हें एयरपोर्ट के भीतर सीधी एंट्री मिल जाएगी। प्रक्रिया के अनुसार यात्री अपने फोन पर ‘डिजी यात्रा’ ऐप के माध्यम से बोर्डिंग पास डाउनलोड करेंगे।
डिजी यात्रा गेट पर लगे स्कैनर पर बोर्डिंग पास दिखाते ही कैमरा यात्री की लाइव फोटो लेगा। सॉफ्टवेयर द्वारा इस फोटो का मिलान आधार कार्ड के डाटा से किया जाएगा, जिसके बाद गेट स्वतः खुल जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में मैन्युअल पहचान पत्र या टिकट दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय की भारी बचत होगी। यात्रियों की सहायता के लिए गेट पर ‘डिजी बडीज’ को भी तैनात किया गया है, जो ऐप के उपयोग में लोगों का मार्गदर्शन करेंगे।यात्री सुविधाओं में विस्तारडिजी यात्रा के साथ-साथ एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के अनुभव को सुखद बनाने के लिए कई अन्य सेवाओं की भी शुरुआत की है। अब एयरपोर्ट परिसर में यात्री हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ उठा सकेंगे। छोटे बच्चों के लिए खेल-खिलौनों का एक विशेष किड्स जोन बनाया गया है, जिसमें छोटे बच्चे आनंद की अनुभूति ले सकेंगे। पढ़ने के शौकीनों के लिए किताबों की सुविधा फ्लाइब्रेरिज शुरू की गई है। खास बात यह है कि यात्री यहां से किताब लेकर सफर के दौरान पढ़ सकते हैं और उसे गंतव्य एयरपोर्ट की लाइब्रेरी में जमा कर सकते हैं। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी से मंजूरी मिलने के बाद इन सुविधाओं के शुरू होने से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हवाई सफर अब पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा।