रुद्रप्रयाग : अपनी लंबित 27 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। डिप्लोमा इंजीनियर्स ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट भवन में एक दिवसीय धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं अपनी 27 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया और मांगो के न मानने पर विशाल आंदोलन की चेतावनी दी। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन स्तर पर लंबे समय से पत्राचार और अनुरोध के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है जिससे इंजीनियरों में असंतोष और आक्रोश है। बताया कि 2 फरवरी से चरणबद्ध तरीके आंदोलन चल रहा है और 23 फरवरी को देहरादून में होने वाली विशाल रैली और सचिवालय घेराव कर सरकार को चेताया जाएगा। वहीं द्वितीय चरण के आंदोलन की भी घोषणा की जाएगी। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष रेवत सिंह रावत ने बताया सालों से लंबित 27 सूत्रीय मांगों के लिए बुधवार को एक दिवसीय धरना दिया गया। कहा कि प्रमुख मांगे इंजीनियरों के ग्रेड पे को 6600 और 26 वर्षों बाद 8700 रुपये ग्रेड पे पर प्रोन्नत वेतनमान सुनिश्चित करना, 10 वर्ष की सेवा पर प्रथम एमएसीपी में ग्रेड पे 5400 (लेवल-10) की बहाली, नई पेंशन योजना (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना, पदोन्नति में समानांतर गैलरी सृजन, प्रोन्नति प्रतिशत बढ़ाने, सहायक अभियंताओं के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि, ऊर्जा निगमों में प्रोन्नति सीमा बढ़ाने, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति, तकनीकी पदों के पुनर्गठन और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए प्रयोगशालाओं की व्यवस्था आदि हैं। कहा कि जनपद मुख्यालयों पर धरना देकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इसके साथ ही 23 फरवरी को देहरादून में प्रदेश स्तरीय विशाल रैली निकाली जाएगी, जो परेड ग्राउंड से सचिवालय तक जाएगी। इंजीनियरों ने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी गई आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष रेवत सिंह रावत, संजीव सैनी, केके उनियाल, आलोक पुरोहित, सृष्टि भंडारी, प्रदीप सेमवाल सहित बड़ी संख्या में इंजीनियर मौजूद थे। (एजेंसी)