जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति ने राजकीय बेस चिकित्सालय में गुर्दा रोग विशेषज्ञों की तैनाती करने की मांग की है। साथ ही अस्पताल में फैस्टूला बनाने की व्यवस्थ करने की भी मांग की गई।
इस संबंध में संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में वर्ष 2010 में डाइललिसिस सेंटर की स्थापना की स्वीकृति दी गई थी। जिसकी स्थापना वर्ष-2019 में हो पाई। यहां पर गुर्दा रोग विशेषज्ञ एवं फैस्टूला (डाइलिसिस मशीन से संयोजन के लिए हाथ की कलाई की नसें निकालने) की व्यवस्था नहीं है। जिससे लोगों को देहरादून या उत्तर प्रदेश के बड़े अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। समस्या से कई बार स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाने के बाद भी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। कहा कि अल्पाहार और डाइलिसिस पर निर्भर रहने वाले गुर्दा रोगियों की शारिरिक स्थिति जर्जर हो जाने के कारण समय-समय पर गुर्दा रोग विशेषज्ञ से जांच करवाने की आवश्यकता होती है। लेकिन, गुर्दा रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है। ऐसे में गुर्दा रोगियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए समस्याओं का निराकरण किया जाना चाहिए।