हरिद्वार()। रानीपुर कोतवाली पुलिस ने 48 घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में पुलिस ने दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की गुमशुदगी की गुत्थी सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी फरार है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मोबाइल के लालच में हत्या की बात कबूली है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि विष्णुलोक कॉलोनी निवासी दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष (38) एक फरवरी से लापता थे। उनके पिता रामआसरे की तहरीर पर चार फरवरी को गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मनीष का मोबाइल फोन ज्वालापुर के अयान उर्फ सुन्नत के पास है। पुलिस ने छह फरवरी को बीएचईएल स्टेडियम से अयान को गिरफ्तार कर उससे मोबाइल बरामद किया। पूछताछ में अयान ने बताया कि कॉल करने के बहाने उसने मनीष का मोबाइल छीना था। जब मनीष ने मोबाइल वापस मांगते हुए पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी तो अयान ने अपने साथी बिलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। बिलाल हाल ही में जेल से रिहा हुआ था। गला दबाकर की हत्या, झाड़ियों में फेंका शव पुलिस के अनुसार, आरोपी अयान ने साथी संग शराब पीने के बहाने मनीष को बीएचईएल क्षेत्र की झाड़ियों में बुलाया, जहां गला दबाकर उसकी हत्या की गई। इसके बाद शव प्लास्टिक के कट्टे में भरकर सुपरवाइजर हॉस्टल के पास झाड़ियों में फेंक दिया था। अयान की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है।