देहरादून(। हिमालय प्राकृतिक हर्बल खजाने से भरा है। बस इसकी पहचान और उसके ग्लोबल उपयोग पर काम करना होगा। ये बात शुक्रवार को उत्तरांचल विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज में उत्तराखंड हिमालय के हर्बल खजाने पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने कही। कार्यक्रम का शुभारंभ विवि की उपाध्यक्ष अंकिता जोशी,यूकॉस्ट के डीजी डा. दुर्गेश पंत , कुलपति डा. धर्म बुद्धि, उप कुलपति डा. राजेश बहुगुणा और स्कूल के निदेशक प्रो. विकास जखमोला ने किया। डा. दुर्गेश पंत ने पारंपरिक हर्बल ज्ञान के वैज्ञानिक सत्यापन और नवाचार-आधारित अनुसंधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिमालय के इस खजाने को दुनिया तक पहुंचाना बड़ी जिम्मेदारी है। जिसमें शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका है। अंकिता जोशी ने कहा कि शोध और नवाचार के जरिए इस खजाने को समेटा जा सकता है। इस दौरान डॉ. अरविंद सकलानी, डॉ. दीपेंद्र सिंह,और भूषण घोलर सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।