आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 हेतु जिला प्रशासन ने कसी कमर

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्थित संचालन हेतु समन्वय बैठक में व्यापक तैयारियों की समीक्षा
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो रही है। यात्रा को सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा तैयारियों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं, विभागीय दायित्वों, संसाधनों की उपलब्धता एवं प्राप्त सुझावों पर विस्तृत चर्चा की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ टीम भावना से कार्य करेंगे। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में समयबद्ध उपचारात्मक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोनिवि द्वारा सिरोबगड़, बांसवाड़ा, जवाड़ी बायपास, सिंकिंग जोन सहित अन्य संवेदनशील स्थलों की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बद्रीनाथ रोड को नई टनल से जोड़ने वाले पुल का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने, आवश्यक स्थलों पर भूमि अधिग्रहण कर अतिक्रमण हटाने तथा हटाए गए मलबे का डंपिंग जोन चिन्हित कर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 मार्च तक नालियों का निर्माण पूर्ण करने, सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई, अनावश्यक सामग्री हटाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। रिटर्निंग वॉल, क्रैश बैरियर एवं आवश्यक डायवर्जन स्थलों पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने की बात कही। बैठक में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे, अधिशासी अभियंता लोनिवि इंद्रजीत बोस, ऊखीमठ आर.पी. नैथानी, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह बिष्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य
यात्रा प्रारंभ से पूर्व प्रभावी बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने तथा बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चरों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। ट्रैक रूट पर तीन चेक प्वाइंट बनाए जाएंगे। बिना पंजीकरण पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सामान ढुलाई में लगे घोड़ा-खच्चरों की सूची पूर्व में जारी की जाएगी तथा पंजीकरण में स्थानीय संचालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस वर्ष सभी घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य किया गया है।

दर्शन व्यवस्था एवं सूचना प्रसारण
श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्था को सुचारू रखने हेतु 4-5 स्थलों पर स्क्रीन लगाए जाएंगे, जिनमें टोकन संख्या, मंदिर बंद होने का समय, स्वच्छता संदेश, मंदिर के दृश्य एवं मौसम की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति न बने।

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