खराब पेपर बैग मशीन मामले में जिला उपभोक्ता आयोग पौड़ी ने दिए भुगतान के आदेश
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : स्वरोजगार के लिए खरीदी गई पेपर बैग मेकिंग मशीन खराब होने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पौड़ी, अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता की अदालत ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए पीड़िता को 12 लाख 11 हजार 500 रुपये का 45 दिनों के भीतर भुगतान करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर कंपनी को दोषी ठहराया। पीड़िता ने स्वरोजगार के लिए दिसंबर 2020 में दिल्ली से मशीन खरीदी थी।
देहलचौरी निवासी उर्मिला बुटोला ने दिसंबर 2020 में बैंक से 12 लाख रुपये का ऋण लेकर रुवानजेनजिंग मशीनरी प्रा.लि., उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली से पेपर बैग मेकिंग मशीन खरीदी थी। इसके लिए उन्होंने आठ दिसंबर 2020 को कंपनी को 10 लाख 4,500 रुपये का भुगतान किया। कंपनी ने एक वर्ष की वारंटी के साथ मशीन भेजी। उर्मिला ने श्रीनगर में 11 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर दुकान लेकर मशीन स्थापित की। मशीन शुरू करने पर प्रिंटिंग में बार-बार खराबी आई। कंपनी के कहने पर पुर्जा बदलने के बावजूद समस्या बनी रही। बाद में कंपनी ने शिकायतों पर ध्यान देना बंद कर दिया, जिससे कच्चा माल भी खराब हो गया। इस पर उर्मिला ने उपभोक्ता आयोग में 17 लाख 2,500 रुपये की क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया। कंपनी ने मशीन खराब होने का कारण लो-वोल्टेज और ऑपरेटर की तकनीकी जानकारी की कमी बताया। हालांकि आयोग के सदस्य अधिवक्ता राकेश सामवेदी और दीप्ति भंडारी ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर कंपनी को दोषी ठहराया। आयोग ने कंपनी को मशीन वापस लेते हुए 10 लाख 4,500 रुपये, किराया क्षति के रूप में 1.87 लाख रुपये, मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए 15 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये, कुल 12 लाख 11 हजार 500 रुपये 45 दिनों के भीतर भुगतान करने के आदेश दिए हैं।