जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने लगाई महाप्रबंधक को फटकार

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बैठक में स्टेकहोल्डर विभागों के उपस्थित नहीं होने जताई नाराजगी
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कोटद्वार स्थित जिला उद्योग केंद्र कार्यालय सभागार में उद्योग मित्र की बैठक संपन्न हुई। बैठक में एमएसएमई-2023 के ड्राफ्ट हेतु उद्यमियों से सुझाव लिए गए। बैठक में स्टेकहोल्डर विभागों के उपस्थित नहीं होने पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक उद्योग को कड़ी फटकार लगाई।
शनिवार को आयोजित उद्योग मित्र की इस बैठक में विद्युत, पेयजल आदि विभागों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने जीएम डीआईसी को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि उद्योग मित्रों की अगली बैठक में सभी स्टेकहोल्डर विभाग बैठक में अनिवार्य रुप से उपस्थित रहेंगे। बैठक में एमएसएमई 2023 के ड्राफ्ट हेतु उद्यमियों द्वारा सुझाव पेश किए गए, जिसमें मुख्यतया जनपद पौड़ी को श्रेणी बी से हटाकर श्रेणी ए में रखने, फ्रेंडली एनवायरमेंट, वित्तीय प्रोत्साहन, ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति व जमीन से जुड़े मसलों का शीघ्रतया समाधान शामिल है। उद्यमियों का कहना था कि खराब सड़कों विद्युत आपूर्ति में कटौती व फ्रेंडली एनवायरनमेंट नहीं होने के कारण श्रेणी ए में रखा जाना उचित है, ताकि योजनाओं का भरपूर लाभ मिल सके। कहा कि श्रेणी बी में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त दर्शाई जाती है, जिस कारण से लागत निर्धारित की जाती है जबकि धरातलीय स्थिति कुछ और है। उद्यम की स्थापना हेतु भूमि से संबंधित प्रकरण पर जिलाधिकारी ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनके स्तर पर 154 के प्रकरणों का समाधान युद्ध स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने महाप्रबंधक उद्योग को निर्देश दिए कि उद्यमियों द्वारा दिए गए सुझावों को सोमवार तक लिखित रूप में प्राप्त करते हुए अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि एमएसएमई 2023 को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। बैठक में उप जिलाधिकारी कोटद्वार प्रमोद कुमार, महाप्रबंधक उद्योग शैलेंद्र डिमरी, तहसीलदार मनजीत सिंह, सिडकुल मैन्युफैक्चेरिंग अध्यक्ष सुनील गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल सन्नी चौहान, सचिव सिडकुल विवेक चौहान व सचिन अरोड़ा, उद्यमी जगमोहन, गोपाल कंसल, आशुतोष पांडे सहित अन्य उद्यमी व उपस्थित थे।

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