पिथौरागढ़()। थल में बेरीनाग ब्लॉक का सेलावन, बैरीगांव, हीपागांव आजादी के 78 वर्षो के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जिस कारण यहां के ग्रामीण पैदल पांच किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर बीमार व गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाने को मजबूर है। रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कार्की ने बताया कि सड़क सुविधा ना होने के कारण ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि बीते दिनों गांव के राम सिंह (84) पुत्र देव सिंह का बाथरूम में गिरने हाथ की अंगुली कट गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने डोली से उन्हें पैदल पांच किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाया। जिसके बाद उन्हें वहां से वाहन के जरिए गौचर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। कार्की ने बताया कि आजादी के इतने वर्ष बीतने के बाद भी गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभी भी अभाव है। ग्रामीण रोजाना अपने कामों के लिए दस किलोमीटर का पैदल सफर तय करने के बाद गाड़ियों से शहर पहुंच रहे हैं। कहा कि गांव तक सड़क न जुड़ पाने के कारण यहां के मरीजों को अब भी डोली के सहारे पैदल सड़क तक लाया जा रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। वही गांव के स्कूलों में शिक्षकों को भी रोटेशन व्यवस्था के अनुसार तैनात किया गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई में भी असर पड़ रहा है, जो लोग इन विषम परिस्थितियों में यहां अपना जीवन निर्वाह कर रहे है। उन्ही के कारण इतने वर्षो से गांव आबाद बना हुआ है। ग्रामीणों ने क्षेत्र तक सड़क निर्माण की मांग उठाई है। बुजुर्ग को डोली से सड़क तक पहुंचाने में रमेश कार्की, गोविंद सिंह, महेश, गुड्डू, हयात, मनोज, भगवान, जयंत रावत रहे।