नई दिल्ली , दूरदर्शन की मशहूर समाचार वाचक और अपनी सौम्य शैली के लिए पहचानी जाने वाली सरला माहेश्वरी (71) अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन के साथ ही टीवी पत्रकारिता के एक सुनहरे और गौरवशाली युग का अंत हो गया है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि सरला जी की विश्वसनीयता और शालीनता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत रहेगी।
आज शाम दी जाएगी अंतिम विदाई
सरला माहेश्वरी के परिवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उनके अंतिम संस्कार की जानकारी साझा की है। जानकारी के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार आज यानी 12 फरवरी को शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया जाएगा। इस दुखद समाचार के बाद से ही मीडिया जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।
सहयोगी शम्मी नारंग हुए भावुक
दूरदर्शन के दिग्गज एंकर और सरला जी के पुराने सहयोगी शम्मी नारंग ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह खबर देते हुए उन्हें अत्यंत पीड़ा हो रही है। नारंग ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वे शालीनता और विनम्रता की साक्षात मूर्ति थीं। वे न केवल दिखने में सुंदर थीं, बल्कि दिल से भी उतनी ही उदार थीं। भाषा पर उनकी अद्भुत पकड़ और ज्ञान का भंडार उन्हें सबसे अलग बनाता था। उन्होंने कहा कि स्क्रीन पर उनकी उपस्थिति का एक अनूठा आकर्षण था जो माहौल को जीवंत बना देता था।
जब खबरों का मतलब ‘भरोसाÓ होता था
सरला माहेश्वरी उस दौर की पहचान थीं जब समाचार पढ़ने का मतलब शोर-शराबा या ड्रामा नहीं, बल्कि स्पष्टता और गंभीरता होता था। उनकी आवाज और खबर पढ़ने के अंदाज में एक ऐसा ठहराव और भरोसा था जो दर्शकों को बांधे रखता था। सोशल मीडिया पर भी फैंस उन्हें याद कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि आज के दौर में वो ‘ग्रेसÓ देखने को नहीं मिलता जो सरला जी में था। वहीं कई लोगों ने लिखा कि वे उन्हें सुनते हुए ही बड़े हुए हैं। उनका जाना भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के लिए एक अपूरणीय क्षति है।