जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भले ही नगर निगम शहर के बेहतर विकास के दावे कर रहा हो। लेकिन, हकीकत यह है कि सड़क किनारे टूटी नालियों के कारण सड़क पर गंदगी का ढेर लगा रहा है। लगातार बिगड़ रही व्यवस्थाओं के कारण आमजन का सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शहरवासियों की शिकायत के बाद भी नगर निगम समस्या को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
शहर में शायद ही कोई ऐसा वार्ड हो जहां क्षतिग्रस्त नालियों के कारण सड़क पर बहता गंदा पानी न दिखाई दें। अव्यवस्थाओं के कारण लगातार शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है। सबसे बुरी स्थिति बुद्धापार्क से झंडाचौक के मध्य बनी हुई हैं। यहां मुख्य डाकघर के बाहर नाली गायब होने से गंदगी सड़क पर बहती रहती है। जबकि, उसी के समीप जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी का भी आवास है। मानपुर, पदमपुर व शिवपुर क्षेत्र के साथ ही भाबर के विभिन्न वार्डो में भी यह स्थिति देखने को मिल रही है। नजीबाबाद रोड, घराट रोड में तो कई लोगों ने नाली पर ही पक्का निर्माण करवा दिया है। जिसके कारण गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती और गंदगी सड़क पर ही बहती रहती है। गंदगी के कारण व्यापारियों का अपने प्रतिष्ठानों में बैठना भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही आसपास के लोगों को संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है।
कुछ वर्ष पूर्व करवाया था निर्माण
बदरीनाथ मार्ग में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे नगर निगम ने दो वर्ष पूर्व ही नाली का निर्माण करवाया था। लेकिन, वर्तमान में यह नाली दोबारा से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कहा कि डाकघर के बाहर लगातार बढ़ रही अव्यवस्था के बाद भी नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। ऐसे में नगर निगम की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।