शिमला , हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से सूखे जैसे हालात बनते जा रहे हैं। लंबे ड्राई स्पेल के कारण किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं, वहीं सेब बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है। बर्फबारी नहीं होने से पर्यटन कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रदेश में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश जरूर हुई थी, लेकिन 12 अक्टूबर के बाद से अब तक बारिश और बर्फबारी पूरी तरह थमी हुई है। नवंबर माह में सामान्य से 96 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि दिसंबर में अब तक एक बूंद भी पानी नहीं बरसा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक भी अच्छी बारिश या बर्फबारी के आसार नहीं हैं। हालांकि 20 और 21 दिसंबर को लाहौल-स्पीति, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर और कुल्लू जिलों की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में चल रहा ड्राई स्पेल टूटने की उम्मीद कम है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
इस बीच मौसम विभाग ने मंडी और बिलासपुर जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की है, जिससे सुबह और रात के समय विजिबिलिटी कम रहने की आशंका है।
मैदानी इलाकों को छोड़कर मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले शिमला का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री अधिक होकर 11.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं कुफरी का तापमान भी करीब 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
मौसम की इस स्थिति से किसान, बागवान और पर्यटन से जुड़े कारोबारी सभी चिंता में हैं और अच्छी बारिश-बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं।