कुछ नेताओं के कारण नहीं बढ़ पाया उक्रांद का स्वरूप: कपरवाण

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कोटद्वार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बोले उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में उत्तराखंड क्रांतिदल का महत्पूर्ण योगदान रहा है। लेकिन, कुछ नेताओं के कारण पार्टी का स्वरूप आगे नहीं बढ़ पाया। ऐसे में अब उत्तराखंड क्रांति दल जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को लेकर संघर्ष करेगी।
रविवार को शक्तिशैल कपरवाण ने पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के बेहतर विकास के लिए उत्तराखंड राज्य का गठन किया गया था। इसमें उत्तराखंड क्रांति दल का महत्वपूर्ण योगदान था। लेकिन कुछ नेताओं ने इस दल को अपनी निजी संपत्ति समझकर लिया था। कहा कि उत्तराखंड क्रांत दल की पुरानी कार्यकारणी को भंग कर 25 जुलाई को अधिवेशन करने की घोषणा की गई थी। लेकिन, चंद नेता अधिवेशन करवाने के पक्ष में नहीं थे। ऐसे में उन्होंने पूरे संवैधानिक तरीके से कोटद्वार में अधिवेशन करवाया और उन्हें केंद्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया। कहा कि हकीकत तो यह है कि कुछ नेताओं ने उत्तराखंड क्रांति दल को अपनी निजी संपत्ति समझ लिया था। वह जब चाहे कुछ भी आदेश जारी कर देते थे। लेकिन, अब पार्टी को लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। हमारा मुख्यउद्देश्य पहाड़ के हितों को लेकर कार्य करना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, भू-कानून सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर संघर्ष किया जाएगा। कहा कि सरकार को भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर विधानसभा का परिसीमन करना चाहिए। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व विधानसभा में अल्पसंख्य हो जाएगा। उन्होंने जल्द ही जन समस्याओं को लेकर आंदोलन चलाने की भी बात कही। इस मौके पर प्रवेंद्र नवानी आदि मौजूद रहे।

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