अवैज्ञानिक दोहन के चलते पहाड़ों में सूृख रहे जल स्रोत और झरने

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : जल शक्ति अभियान कैच द रेन कार्यों का निरीक्षण करने के लिए सोमवार को पौड़ी पहुंची। टीम ने विकास भवन सभागार में जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर योजना,जल स्रोत पुनर्जीवन, वर्षा जल संरक्षण, चाल-खाल, नौले, माइक्रो डैम आदि कार्यों की जानकारी ली। बैठक में केंद्रीय नोडल अधिकारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन व मनुष्यों द्वारा जल के अवैज्ञानिक दोहन के चलते जल संकट विश्वव्यापी हो चुका है। शहरों में भूमिगत जल नीचे जा रहा है। पहाड़ों में जल स्रोत और झरने सूखते जा रहे है। जिससे जल संरक्षण व मृदा संरक्षण मुख्य चिंतन के केंद्र में आ गया है। कहा कि दो दिनों तक भारत सरकार की केंद्रीय टीम जिले में अलग-अलग अमृत सरोवरों व श्रीनगर स्थित जल शक्ति केंद्र का निरीक्षण करेगी।
बैठक में सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, जल संस्थान, पेयजल निगम, ग्राम्य विकास, कृषि विभाग आदि विभागों ने जल शक्ति अभियान के कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण, मृदा संरक्षण और वनीकरण के कार्यों के भविष्य की कार्य योजना के बारे में भी बताया। बैठक में सीनियर वैज्ञानिक तकनीकि नोडल करम सिंह ने कहा कि जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर अभियान और पौधरोपण के साथ-साथ मृदा संरक्षण व संवद्र्धन में परंपरागत तरीके के साथ-साथ जो भी आधुनिक रिसर्च ओर नई तकनीक सामने आ रही है उनका उपयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा रहे हैं। कहा कि हमें न केवल जल विहीन जंगल, वन्यजीव जैसे प्रकृति के आभूषणों को बचाने के लिए सबकी भागीदारी लेनी होगी। क्योंकि प्रकृति संरक्षण के कार्यों की व्यापकता बहुत अधिक है। डीडीओ पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जिले में जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर और पौधरोपण कार्यों के संबंध में ग्राम सभा स्तर पर पहले बैठकों का आयोजन किया गया जिनमें अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों के संबंध में स्थानीय लोगों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करते हुए उनकी भागीदारी ली गई। बैठक में अधिशासी अभियंता सिंचाई संजय शर्मा, एडीपीआरओ नितिन नौटियाल आदि शामिल रहे।

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