नई दिल्ली , ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान ने लाइन ऑफ कंट्रोल के पास स्थित भारत के उरी जल विद्युत परियोजना को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने इस प्रयास को नाकाम कर दिया। इस घटना में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। इसकी जानकारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने दी, जो देश के रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है।
ष्टढ्ढस्स्न का यह बयान उस संदर्भ में जारी किया गया है, जिसमें उरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में तैनात 19 जवानों को ष्ठत्र डिस्क से सम्मानित किया गया। इन जवानों ने पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलीबारी के बीच एक ड्रोन को निष्क्रिय किया था, जो इंस्टॉलेशन को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था, और उन्होंने स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था।
एक अधिकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित ष्टढ्ढस्स्न मुख्यालय में आयोजित समारोह में इन 19 कर्मियों को ष्ठत्र डिस्क प्रदान की गई। ष्टढ्ढस्स्न ने बताया कि 6 से 7 मई की रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर संचालित किया था, जिसके तहत रुह्रष्ट के पार स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इस अभियान के बाद पाकिस्तान की सेना ने तेज गोलीबारी की, जिससे उरी हाइड्रो प्रोजेक्ट समेत आसपास की महत्वपूर्ण सुविधाओं पर खतरा बढ़ गया।
रुह्रष्ट से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित हृ॥क्कष्ट के इस प्रतिष्ठान पर ष्टढ्ढस्स्न की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह सहित 19 जवानों को इस बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें उन्होंने रुह्रष्ट से लगभग 8–10 किलोमीटर दूर दिखाई देने वाले दुश्मन के ड्रोन को मार गिराया।
ष्टढ्ढस्स्न ने बताया कि भारी फायरिंग के बावजूद डिप्टी कमांडेंट रवि यादव के नेतृत्व में टीम ने प्रोजेक्ट और आसपास की बस्ती की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए। जवानों ने सबसे पहले हथियारों और गोला-बारूद के भंडार को सुरक्षित किया, ताकि किसी भी तरह के नुकसान को रोका जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, ष्टढ्ढस्स्न की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण राष्ट्रीय संपत्तियाँ सुरक्षित रहीं। जब गोलाबारी के दौरान कई शेल रिहायशी इलाकों के पास गिरे, तो जवानों ने घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें महिलाएँ, बच्चे, हृ॥क्कष्ट कर्मचारी और उनके परिवार शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उरी क्षेत्र के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट दुश्मन के पहले निशाने पर थे।