नई दिल्ली , पृथ्वी की सुरक्षा को लेकर नासा के एक वैज्ञानिक ने गंभीर चेतावनी जारी की है। नासा की ग्रह रक्षा विशेषज्ञ अनुसार, पृथ्वी के आसपास करीब 15,000 ऐसे अनदेखे एस्टेरॉयड्स मौजूद हैं, जिनसे निपटने का फिलहाल कोई ठोस उपाय नहीं है। इनमें से प्रत्येक एस्टेरॉयड एक पूरे शहर को तबाह करने की क्षमता रखता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, केली फास्ट ने कहा कि इन एस्टेरॉयड्स की जानकारी उन्हें रात को सोने नहीं देती। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी चिंता उन मध्यम आकार के एस्टेरॉयड्स को लेकर है, जो आकार में लगभग 500 फीट के होते हैं। ये इतने छोटे हैं कि इन्हें ढूंढ पाना मुश्किल है, लेकिन इतने बड़े भी हैं कि किसी क्षेत्र में भारी तबाही मचा सकते हैं। हालांकि, फास्ट ने स्पष्ट किया कि बहुत बड़े एस्टेरॉयड्स को लेकर वैज्ञानिक अपेक्षाकृत आश्वस्त हैं क्योंकि उनकी स्थिति का पता है। वहीं, छोटे पिंड अक्सर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते रहते हैं और आमतौर पर गंभीर खतरा नहीं बनते।
रिपोर्ट के अनुसार, इन मध्यम आकार के एस्टेरॉयड्स को ‘शहर-नाशकÓ कहा जा रहा है, क्योंकि इनके टकराने से क्षेत्रीय स्तर पर भारी विनाश हो सकता है। केली फास्ट के मुताबिक, पृथ्वी के निकट से गुजरने वाले ऐसे लगभग 25,000 एस्टेरॉयड्स हैं, लेकिन वैज्ञानिकों को इनमें से केवल 40त्न की ही सटीक जानकारी है। समस्या यह है कि ये पिंड पृथ्वी की तरह सूर्य की परिक्रमा करते हैं और पर्याप्त प्रकाश परावर्तित नहीं करते, जिससे शक्तिशाली दूरबीनों से भी इनका पता लगाना कठिन हो जाता है।
इस चुनौती से निपटने के लिए हृ्रस््र अगले वर्ष ‘नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट सर्वेयरÓ अंतरिक्ष दूरबीन लॉन्च करने की योजना बना रहा है। यह विशेष दूरबीन थर्मल सिग्नेचर के आधार पर अंधेरे एस्टेरॉयड्स और धूमकेतुओं का पता लगाने में सक्षम होगी, जो अब तक वैज्ञानिकों की नजर से छिपे रहे हैं। फास्ट ने जोर देकर कहा कि सबसे जरूरी है—एस्टेरॉयड्स के पृथ्वी तक पहुंचने से पहले उन्हें खोज निकालना और भविष्य में उन्हें मोड़ने या नष्ट करने की तकनीक विकसित करना। फिलहाल, ‘शहर-नाशकÓ एस्टेरॉयड्स से बचाव के लिए मानवता के पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय उपलब्ध नहीं हैं।