सुकून पर ग्रहण, नींद में वन विभाग

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शहर में बदहाल स्थिति में पड़े हैं वन विभाग के पार्क
शिकायत के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं कर रहा विभाग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : ठंड के मौसम में धूप का आनंद लेने के लिए आमजन पार्कों की ओर अपना रुख करता है। लेकिन, कोटद्वार शहर में वन विभाग के बदहाल पार्क आमजन के सुकून पर ग्रहण बन रहे हैं। पार्क में घूमना तो दूर आमजन पार्क की ओर झांकने से भी कतरा रहे हैं। देखरेख के अभाव में बदहाल पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बनते जा रहे हैं। लगातार शिकायत के बाद भी वन विभाग पार्र्कों की स्थिति में सुधार की सुध नहीं ले रहा।
वन विभाग की ओर से आमजन की सुविधा के लिए सिद्धबली मंदिर के समीप, सनेह क्षेत्र में व घराट क्षेत्र में पार्क का निर्माण करवाया गया था। लेकिन, वर्तमान में यह पार्क बदहाल स्थिति में पहुंच चुके हैं। यदि बात की जाएं सिद्धबली पार्क की तो कुछ वर्ष पूर्व वन विभाग ने दस लाख रुपये की लागत से इसकी मरम्मत थी। पार्क में बकायदा बच्चों का ओपन जिम भी तैयार करवाया गया। टाइल्स के साथ ही नए झूले लगाए गए। लेकिन, देखरेख के अभाव में यह पार्क बदहाल हो चुका है। बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूट चुके हैं। पार्क में चारों ओर झाड़ियां उगी हुई हैं। जबकि, पार्क के समीप ही वन विभाग का कार्यालय भी है। बावजूद वन विभाग के इसकी कोई सुध नहीं ली। सनेह स्थित पार्क की स्थिति भी यही बनी हुई है। झाड़ियों के कारण शहरवासी पार्क की ओर जाना भी सुरक्षित नहीं समझते। घराट स्थित वन विभाग के पार्क की सबसे बुरी स्थिति बनी हुई है। पार्क के चार दीवारी टूट चुकी है। सुबह से ही पार्क में शराबियों व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहा है। कुछ दिन पूर्व स्थानीय लोगों ने समस्या से वन विभाग व पुलिस को भी अवगत करवाया था। लेकिन, सिस्टम ने इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। नतीजा, शाम ढलते ही लोगों का पार्क की ओर पैदल जाना भी मुश्किल हो जाता है।

पुलिस गश्त की मांग
घराट क्षेत्र के लोगों ने पार्क की अनदेखी पर वन विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया है। कहा कि वर्तमान में पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका हैं। देर रात तक पार्क से आसामाजिक तत्वों की आवाजें आती रहती हैं। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है। क्षेत्रवासी रीता देवी, मुन्नी देवी ने बताया कि क्षेत्र में गश्त करने वाली पुलिस को पार्क की ओर भी झांककर देखना चाहिए। कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई तक नहीं करती। ऐसे में लगता है कि पुलिस को किसी बड़ी घटना का इंतजार है।

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