चमोली : प्रयागराज में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के साथ हुई घटना पर ज्योतिर्मठ के लोगों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। सोमवार को स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। कहा कि इस तरह की घटना को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जाएगा। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में स्नान करने जा रहे शंकराचार्य के रथ को रोक पुलिस ने उन्हें पैदल जाने को कहा। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद स्नान किए बिना ही लौट आए। इसके विरोध में सोमवार को ज्योतिर्मठ के नटराज चौक पर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। उन्होंने प्रयाग राज में हुई घटना को सनातन धर्म, संत समाज और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर हमला बताया। साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता इस गंभीर घटना को संरक्षण देने जैसा है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान डॉ. विष्णुप्रियानंद महाराज, शिवानंद उनियाल, महिमानंद उनियाल, जबदीश उनियाल, व्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, अजीतपाल रावत, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम फरस्वाण, महामंत्री सुखदेव बिष्ट, सरिता उनियाल, चंद्रशेखर बुटोला आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)