हर्षिल में भागीरथी नदी पर बनी झील से पानी निकासी के प्रयास शुरू

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राहत और पुनर्वास के लिए धराली पहुंची सर्वे टीम
जयन्त प्रतिनिधि।
उत्तरकाशी : गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने कहा कि धराली आपदा में अब तक सरकार के पास 42 लोगों के लापता होने का आंकड़ा है। चार दिन तक हेली से चले रेस्क्यू के दौरान आपदाग्रस्त क्षेत्र से कुल 1278 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। राहत एवं पुनर्वास की योजना के लिए शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी के लोग भी धराली पहुंचे हैं और नुकसान का बारीकी से सर्वेक्षण कराया जा रहा है। मंडलायुक्त ने बताया कि हर्षिल में भागीरथी नदी पर बनी झील से पानी निकासी के लिए सिंचाई विभाग और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लि. के द्वारा गत दिन से काम शुरू कर दिया गया हैं।
सोमवार सुबह गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने उत्तरकाशी स्थित आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता कर धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि धराली आपदा में 42 लोग लापता हुए हैं, जिनमें नौ आर्मी के जवान, 13 स्थानीय लोग, 24 नेपाली, 13 बिहार और छह लोग यूपी के लापता हैं। उन्होंने कहा कि 29 नेपाली मजदूरों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें से 5 मिल गए हैं, बाकी लापता मजूदरों की तलाश की जा रही है। ठेकेदारों और आसपास ग्रामीणों से भी संपर्क किया जा रहा है। धराली हादसे में अभी तक सिर्फ एक लोकल व्यक्ति की डेड बॉडी मिली है। मलबे में कितने दबे हैं, इसकी सही जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। जरूरी नहीं है कि जो लापता हैं वो मलबे में ही दबे हों। उन्होंने कहा कि धराली में लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन तेजी के साथ किया जा रहा है। राहत एवं पुनर्वास के लिए बनाई गई 10 सदस्यीय जियॉलॉजिकल सर्वे टीम भी धराली पहुंची है और जब तक नुकसान का पूरा सर्वे नहीं हो जाता, टीम वहीं डटी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क बाधित होने के कारण प्रभावित गांवों में प्रशिक्षित आपदा मित्रों एवं पंचायतराज विभाग के माध्यम से लगातार संपर्क किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में मोबाईल संपर्क उपलब्ध है। आपदा नियंत्रण कक्ष निरंतर संचालित हो रहा हैं। इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप उपस्थित रहे।

डबरानी-सोनगाड क्षेत्र में सड़क मरम्मत हेतु पहुंंची मशीनें
मंडलायुक्त ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल करने का काम तेजी से जारी है। गत रात्रि को लिमच्यागाड में वैली ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका हैं। अब डबरानी और सोनगाड क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क बहाल करने का काम चल रहा है। मंगलवार सायं तक इस क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल हो जाने की उम्मीद है। लिमच्यागाड में वैली ब्रिज बनने के बाद भारी मशीनों को डबरानी क्षेत्र में पहुंचा दिया गया है। डबरानी से सोनगाड तक लगभग पांच कि.मी. पैदल मार्ग पर एक हेल्प पोस्ट एवं मेडिकल कैम्प की व्यवस्था करने के साथ ही एसडीआरएफ व वायरलेस टीम को भी तैनात किया गया है। डबरानी से सोनगाड के बीच खच्चरों के माध्यम से गैस सिलिंडरों को भेजना शुरू कर दिया गया है। जिन हिस्सों में सड़क अवरूद्ध है वहां पर ट्रांशिपमेंट कर प्रभावित क्षेत्र के लिए जरूरी सामान की आपूर्ति की जा रही है।

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