अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर देता है : बुड़ाकोटी

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए, अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।
जयहरीखाल विकासखंड के ग्राम सभा लमराड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा आयोजन के पंचम दिवस पर भागवताचार्य सुरेश बुड़ाकोटी ने यह बात कहकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा व्यास आचार्य सुरेश बुड़ाकोटी शास्त्री ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए शास्त्री ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते है जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। गुसाईं बंधुओ द्वारा आयोजित इस भागवत कथा में क्षेत्र के लमराड़ा, पीड़ा, कंदोली, चाई, कुणझोली, बौठा सहित दर्जन भर गांवो के ग्रामीण भागवत कथा का श्रवण कर रहे है।

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