हाथियों ने उड़ाई काश्तकारों की नींद

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जंगल से सटे आबादी इलाकों में हाथी की धमक थमने का नाम नहीं ले रही। आए दिन हाथी आबादी में घुसकर काश्तकारों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। बीती रात भी हाथियों ने जहां सनेह क्षेत्र के रामपुर इलाके में आम-लीची का बगीचा नष्ट कर दिया, वहीं झंडीचौड़ क्षेत्र में काश्तकारों की गेहूं की फसल को भी नष्ट किया है।
बुधवार देर रात को हाथियों ने खूब उत्पात मचाते हुए काश्तकारों की गेहूं की खड़ी फसल को रौंद दिया। हाथियों ने बगीचों में आम, लीची, अमरूद व अन्य फलदार पेड़ों को भी तहस-नहस कर दिया। काश्तकार मोहन सिंह रावत ने कहा कि रात लगभग आठ बजे हाथी उनके गेहूं के खेत में घुस गया। हाथी ने उनके आधा बीघा खेत में बोई गेहूं की खड़ी फसल को रौंद दिया। उसके बाद हाथियों का झुंड पुष्कर सिंह के बगीचे में जा घुसा और बगीचे में खड़े आम, लीची, अमरूद सहित अन्य फलदार पेड़ों को तहस-नहस कर दिया। हाथियों ने सतीश नेगी, सुदर्शन कोटनाला, कमल सिंह, कृष्णा कोटनाला के खेतों में भी नुकसान पहुंचाया। सूचना के बाद सुबह करीब सात बजे मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने फायरिंग कर हाथियों को क्षेत्र से बाहर किया। क्षेत्रीय जन ने वन विभाग से काश्तकारों के नुकसान की भरपाई के लिए शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। साथ ही काश्तकारों को हाथियों को भगाने के लिए पटाखे व अन्य सामान दिए जाने की मांग की है।

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