मजबूत आर्थिकी के लिए सहकारिता को अपनाने पर दिया जोर

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सहकार भारती के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी में ब्लाक व पंचायत स्तर पर सहकारिता को मजबूत कर ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए सहकारिता को अपनाने पर जोर दिया गया। कहा कि सहकारिता और सहभागिता से ग्रामीण उद्यमों और कृषि आधारित कार्यों को प्रोत्साहन देना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोककर रिवर्स पलायन पर काम हो सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ सहकार भारती के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व मध्य प्रदेश के प्रदेश महामंत्री राकेश चौहान और सहकार भारती के प्रदेश संगठन प्रमुख राजेश वर्मा ने किया। राकेश चौहान ने कहा कि सहकारिता को अपना कर ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए संगठन को ब्लाक व क्षेत्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करने की जरूरत है। संगठन के माध्यम से प्रत्येक ब्लाक व क्षेत्र पंचायत स्तर पर सहकारी समूहों का गठन करने में सहयोग करना है। संगठन का कार्य सहकारिता के लिए क्षेत्र व प्रदेश में जनजागरूकता बढ़ाने, सहकारिता व सहभागिता से उद्यमों व कृषि आधारित कार्यों को प्रोत्साहन देना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोककर रिवर्स पलायन को बढ़ावा दिया जा सके। वक्ताओं ने कहा कि संगठन की कोशिश रहती है कि ग्रामीण सहभागिता से स्थानीय व परंपरागत कृषि उद्योग को बढ़ावा देते हुए क्षेत्र और प्रदेश के आर्थिक विकास को मजबूती देना है। राकेश चौहान ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 और सहकारिता के विभिन्न क्षेत्रों और विषयों पर चर्चा की। कहा कि सहकार भारती संगठन अपने स्थापना वर्ष 1978-79 से ही सहकारिता आंदोलन को बढ़ावा देने में हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने बहुउद्देशीय सहकारी समितियों, क्रेडिट सोसाइटी, किसान उत्पादक संघ (एफपीओ) सहित विभिन्न प्रकोष्ठों की जानकारी दी। साथ ही स्वयं सहायता ग्रुपों (एसएचजी) और व्यक्तिगत उद्यमियों को इनसे जुड़कर उनके उत्पादों को और अधिक क्षेत्रों और समितियों तक विपणन आदि में विस्तारित और शामिल करने की बात की गई। इस मौके पर दीपा देवी, पूनम खंतवाल, मनोज द्विवेदी, नेत्रपाल सिंह, दिनेश जुयाल, चंद्रप्रकाश असवाल, शर्मिला नेगी, गोपाल गुसांई, अशोक सुंद्रियाल मौजूद रहे।

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