स्थानीय आजीविका बढ़ाने हेतु स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर जोर

Spread the love

मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को जनपद के विभिन्न पर्यटन स्थलों एवं पर्यटन विभाग की परिसंपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उनका उद्देश्य इन परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, स्थानीय समुदाय की आय में वृद्धि, तथा पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की संभावनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना रहा।
गुलाबराय में पर्यटन विभाग द्वारा स्थापित म्यूजियम एवं उसके प्रथम तल पर निर्मित बहुउद्देशीय हॉल का निरीक्षण करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से कैफे संचालन प्रारम्भ किया जाए। इससे जहां आगंतुकों को स्थानीय उत्पादों का स्वाद मिलेगा, वहीं स्थानीय समूहों को आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे। गढ़वाल मंडल विकास निगम, रुद्रप्रयाग के परिसर में निर्मित लकड़ी के भवन का निरीक्षण कर उन्होंने निर्देशित किया कि यहां स्थानीय उत्पादों का आउटलेट तथा ट्राउट फिश सेल काउंटर स्थापित किया जाए। यह संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पहाड़ी उत्पादों को बाजार उपलब्ध होगा और महिला समूह आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने जवाड़ी बाइपास स्थित पर्यटन विभाग के टूरिस्ट व्यू पॉइंट का निरीक्षण कर जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान रुद्रप्रयाग को निर्देश दिये कि यात्रा सीजन में यहां आने वाले यात्रियों के लिए खाद्य एवं पेय पदार्थों की सुविधा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। यह स्थान यात्रियों के लिए एक आकर्षक ठहराव स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण लोकेन्द्र सिंह बिष्ट, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान ममराज सिंह चैहान उपस्थित रहे।

सीडीओ ने सुविधाओं की गुणवत्ता को परखा
मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेन्द्र सिंह रावत ने दुर्गाधार में पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित गेस्ट हाउस का विस्तृत निरीक्षण किया गया। सीडीओ ने उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता को परखा और निर्देशित किया गया कि गेस्ट हाउस के संचालन हेतु स्थानीय सक्षम स्वयं सहायता समूह को चयनित कर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि इसे पेशेवर और पर्यटक/हितैषी रूप में संचालित किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *