बिजली उत्पादन के लिए प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर जोर

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जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल के सहयोग से सौर ऊर्जा- इसकी भविष्य की संभावाएं और जॉब/बिजनेस मार्केट पर इसके प्रभाव विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार में वक्ताओं ने बिजली उत्पादन के लिए प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया। इस मौके पर बतौर मुख्य वक्ता टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, मुंद्रा, गुजरात के प्रिंसिपल सुरेंद्र कुमार ने कहा कि पारंपरिक साधनों से बिजली पैदा करना दिन प्रतिदिन महंगा होता जा रहा है। कहा प्राकृतिक संसाधन में सौर ऊर्जा इसका एक ठोस विकल्प है। यह पर्यावरण को दूषित नहीं करता है एवं अन्य नवीकरणीय ऊर्जा में सबसे अधिक कारगर है। उन्होंने कहा कि उष्णकटिबंधीय देश होने के कारण भारत में सौर ऊर्जा की उत्पादन की क्षमता तथा उपयोगिता की अधिक संभावना है। सौर ऊर्जा के उत्पादन के लिए भारत की बड़ी-बड़ी कंपनियां निवेश कर रहे हैं, जिससे कि रोजगार तेजी से बढ़ रहा है। इस वेबिनार का संचालन एसआरटी परिसर के अंगेजी विभाग के मुस्कान कपूर एवं करन सिंह ने किया। मौके पर आईआईसी के अध्यक्ष अतुल ध्यानी, डा. मनोज कुमार गुप्ता, डा. बृजेश गांगिल, डीन प्रो. वाईपी रैवानी, प्रो. एनएस पंवार, डा. आलोक सागर गौतम, प्रो. एमएमएस रौथाण, डा. प्रेमनाथ, डा. प्रीतम नेगी, विनय प्रसाद टम्टा, कुलदीप कुमार टम्टा, डा. नीलकमल मिश्रा, देवेन्द्र रावत आदि मौजूद रहे।

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