जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : नंदाखाल-पाली चौबट्टाखाल में आयोजित तीन दिवसीय जीवन कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित 10 आवश्यक जीवन कौशल “स्वयं की पहचान, समानुभूति, आलोचनात्मक एवं रचनात्मक चिंतन, निर्णय-निर्माण, समस्या समाधान, प्रभावी संवाद, पारस्परिक कौशल, तनाव तथा भावनाओं से निपटने’ की क्षमता पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण फ्रेंड्स ऑफ हिमालय एवं भलु लगद फीलगुड ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों के लिए आयोजित किया गया। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में इन जीवन कौशलों को उदाहरणों, समूह चर्चा और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से समझाया गया, ताकि प्रतिभागी इन्हें अपने दैनिक जीवन में सहज रूप से अपनाने में सक्षम हो सकें। साथ ही बदलते सामाजिक परिवेश में सूचनाओं की अधिकता के बीच विवेकपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रेम बहुखंडी ने कहा कि जीवन कौशल आज के युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार नागरिकता की बुनियाद हैं। वहीं भलु लगद फील गुड ट्रस्ट के संस्थापक सुधीर सुन्द्रियाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण पहाड़ी युवतियों को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता के लिए तैयार करता है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पूनम कैंतुरा, पूर्व प्रमुख सुरेन्द्र रावत, वरिष्ठ समाजसेवी भगवान सिंह राणा, डॉ. प्रेम बहुखंडी, सुधीर सुन्द्रियाल, श्रीमती लता भूषण बंदूनी, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से श्रीमती श्वेता, ऋषभ जड़धारी, आत्म रक्षा प्रशिक्षक स्नेहा जोशी, किरण रावत, विजय भूषण बंदूनी, रविन्द्र नेगी, दिव्या डोभाल, अभिषेक रावत, सूजल रावत आदि मौजूद थे।