उत्तराखंड के लिए गेम चेंजर साबित होगी रोजगार प्रोत्साहन योजना

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देहरादून। केंद्र सरकार की प्रस्तावित रोजगार प्रोत्साहन योजना (एम्लायमेंट लिंक्ड इंसेटिव स्कीम) उत्तराखंड के लिए गेम चेंजर साबित होगी। देहरादून रीजन के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त विश्वजीत सागर ने कहा कि एक अगस्त से शुरू हो रही इस योजना से उत्तराखंड में रोजगार के नए मौके मिलेंगे। खासतौर पर विनिर्माण क्षेत्र में नए लोगों को रोजगार मिलेगा। जीएमएस रोड स्थित ईपीएफओ कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कमिश्नर विश्वजीत सागर ने रोजगार प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना दो साल के लिए है। देहरादून रीजन में ईपीएफओ ने योजना को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें विनिर्माण सेक्टर को फोकस किया जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड में यह सेक्टर तेजी से उभर रहा है और इसमें ही नए रोजगार की संभावनाएं सबसे जयादा हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ नए कर्मचारी की नियुक्ति के लिए है। यानी जो व्यक्ति नियोक्ता के जरिए पहली बार ईपीएफओ का सदस्य बन रहा है, उसे और उसके नियोक्ता को ही इसका लाभ मिलेगा। कंपनी बदलने वालों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। इससे साफ है कि यह योजना नए रोजगार सृजन के लिए है और योजना लागू होने पर रोजगार के नए मौके भी मिलेंगे। साथ 50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी को दो नए कर्मचारी और 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी को पांच नए कर्मचारी नियुक्त करने होंगे। इन कर्मचारियों को कम से कम छह महीने की नियमित सेवा पर रखने पर ही योजना का लाभ मिल पाएगा। मालूम हो कि योजना में नए कर्मचारी को ईपीएफ वेतन के बराबर 15 हजार रुपये की धनराशि सरकार की ओर से दी जाएगी। इसमें कर्मचारी को बचत की आदत को प्रोत्साहित करने का भी प्रावधान है। कंपनियों के लिए 10 हजार रुपये तक के वेतन स्लैब में एक हजार रुपये प्रतिमाह, 20 हजार रुपये तक के वेतन पर दो हजार रुपये और एक लाख तक के वेतन वाले कर्मचारी पर 3 हजार रुपये प्रतिमाह की धनराशि दी जाएगी।

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