ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश समेत आसपास के क्षेत्रों में चैत्र नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। 19 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर ऋषिकेश के बाजार पूजा सामग्री से सज गए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की भीड़ पूजन सामग्री खरीदने को उमड़ रही है। वहीं बुधवार को क्षेत्र के देवी मंदिरों में सजावट के साथ साफ-सफाई भी की गई। ऋषिकेश के बाजार चैत्र नवरात्र को लेकर सज चुके हैं। दुकानें माता की चुनरी, नारियल, पूजा सामग्री से गुलजार हो गईं हैं। गुरुवार से शुरू होने वाले नवरात्र को लेकर खरीदारी भी शुरू हो गई है। इसके चलते बुधवार को ऋषिकेश के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। पूजन सामग्री खरीदने के लिए दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। ऋषिकेश के सुभाष चौक, घाट रोड़, मुखर्जी मार्ग, झंडा चौक, क्षेत्र रोड़ समेत अन्य बाजारों में पूजा सामग्री की दुकानें सजी हुई हैं। पूजा के लिए कलश, नारियल, चुनरी, रोली, पान, घी, धूप बत्ती, सुपारी, कपूर, अगरबत्ती, लोंग सहित पूजा में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री खरीद रहे हैं। नौ दिन के इस व्रत में अन्न से परहेज किया जाता है। ऐसे में बाजारों में फल, व्रत के अन्य सामानों की भी दुकानें सजाई गई हैं। त्रिवेणी घाट के दुकानदार रूपेश अग्रवाल, सुभाष चौक के दुकानदार गुलशन लाला ने बताया कि दुकानों पर नवरात्र को लेकर ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है। नवरात्र को लेकर बाजार में रौनक है।
देवी मंदिरों में की गई साफ-सफाई: ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों में नवरात्र को लेकर तैयारियां हो चुकी हैं। क्षेत्र के तमाम देवी मंदिरों में साफ सफाई और सजावट देखने को मिल रही है। ऋषिकेश के मणिराम मार्ग स्थित दुर्गा शक्ति मंदिर, शीशमझाड़ी स्थित मां कात्यायनी मंदिर, दून मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर, त्रिवेणी घाट स्थित दुर्गा मंदिर, चंद्रेश्वर नगर चौक स्थित दुर्गा मंदिर आदि जगहों पर साफ सफाई के साथ सजावट किया गया है। मंदिर परिसर पर रंग-रोगन कर नवरात्र की तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।
मां भक्तों की मनोकामना करती हैं पूरी: नवरात्र 19 मार्च गुरुवार से शुरू हो रहे हैं, जो 27 मार्च को संपन्न होंगे। कलश स्थापना गुरुवार सुबह की जाएगी। श्री तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि मान्यता है कि अगर भक्त संकल्प लेकर नवरात्र में अखंड ज्योति प्रज्जवलित करें और उसे पूरी भावना और मन से जलाएं रखें, तो देवी प्रसन्न होती हैं और उसकी सभी मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र के नौ दिनों में क्रमश: मां दुर्गा के शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूपों की पूजा की जाती है।