हल्द्वानी()। उत्तराखंड में सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन पहुंची, लेकिन टीकाकरण की तारीख अभी अनिश्चित उत्तराखंड में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए वर्षों से प्रतीक्षित मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन आखिरकार देहरादून पहुंच गई है। हालांकि, इसे कब और कैसे लगाया जाएगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास नहीं है। गौरतलब है कि 1 फरवरी 2024 को अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैक्सीनेशन के लिए धन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने हर जिला स्तर पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया और यह भी तय किया कि कितनी बेटियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से वैक्सीन की आपूर्ति को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा न होने के कारण मामला लंबे समय तक लटका रहा।अब केंद्र सरकार ने जनवरी में राज्य को निर्धारित मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध करा दी है। इस वैक्सीन को अब जिला स्तर पर वितरण के लिए तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही वैक्सीन लगाने, रखरखाव और कोल्ड चेन प्रबंधन के लिए डॉक्टरों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को यह वैक्सीन लगाई जानी है। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण से बचाव में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन पहुंचने के बावजूद अभी तक इसके वितरण और टीकाकरण अभियान की अंतिम तिथि तय नहीं हो पाई है। विभागीय तैयारियां पूरी होने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता की कमी से अभिभावकों और विशेषज्ञों में निराशा है।
केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को कुछ मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध करायी है। केन्द्र के निर्देश मिलते ही वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. सुनीता टम्टा, स्वास्थ्य महानिदेशक, उत्तराखंड