देहरादून। हिमालयन एजुकेशनल एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से मंगलवार को स्पर्श गंगा शिक्षा श्री सम्मान का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर पांच शिक्षकों को नवाजा गया। इनमें डॉ. सरिता उनियाल, डॉ. दीपा सिंह, बिंदु साह, यशपाल सिंह रावत और सूरज नेगी शामिल रहे। स्पर्श हिमालय विवि में स्पर्श गंगा शिक्षा श्री सम्मान कार्यक्रम का शुभारंभ स्पर्श हिमालय विवि के कुलपति प्रो. काशीनाथ जेना, कुलाधिपति प्रो. प्रदीप भारद्वाज, हिमालयन एजुकेशनल एंड रिसर्च डेवलपमेन्ट सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी, प्रो. प्रभाकर बडोनी ने संयुक्त रूप से किया। कुलपति प्रो. काशीनाथ जेना ने कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं बल्कि जीवन दर्शन और जीवनदायिनी हैं। पद्मश्री कल्याण सिंह रावत मैती ने कहा कि हिमालय के बुग्याल जड़ी-बूटियों का घर है। हिमालय के पहाड़ों और बुग्यालों से निकला यही जल गंगा जल है, जिसमें अनगिनत औषधीय गुण हैं। स्पर्श गंगा अभियान उसी गंगा की निर्मलता और मूल को बचाने का एक अभियान है। नौले-धारे सूख रहे हैं। जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। स्पर्श गंगा अभियान के प्रणेता और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि स्पर्श गंगा के लाखों स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाया है और जल संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। गंगा सिर्फ भारत नहीं पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मौके पर हिमालयी आयुर्वेदिक मेडिकल एवं पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिल कुमार झा, डॉ. सर्वेश उनियाल, प्रो. एसडी तिवारी, स्पर्श हिमालय विवि के कुलसचिव अरविंद अरोड़ा, प्रो. केएल तलवार, पुष्कर सिंह, रीता चमोली, सरोज डिमरी, नारेणा गोयल, मनुरावत, रेणु शर्मा , जयंत शर्मा, पुरुषोत्तम डोभाल, विदुषी निशंक, प्रो एएस उनियाल, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. प्रभाकर बडोनी आदि उपस्थित रहे।