देहरादून()। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति की बैठक में 8वें वेतन आयोग में पूर्व सैनिकों का एक प्रतिनिधि शामिल करने की मांग की गई है। बैठक में ओआरओपी-दो की विसंगतियों पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में ऐसी दोहराव न हो। इसके लिए आयोग में उनका पक्ष सुना जाना अनिवार्य है। क्लेमेनटाउन स्थित वेल रोड पर रविवार को समिति के अध्यक्ष कैप्टन आलम सिंह भंडारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पूर्व सैनिकों ने स्थानीय नेताओं और अधिकारियों के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई। अध्यक्ष ने कहा कि मंचों पर तो पूर्व सैनिकों के हित में बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं। हकीकत कुछ और है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे क्षेत्र की या पूर्व सैनिकों की समस्याएं लेकर किसी राजनेता या अधिकारी के पास जाते हैं तो समाधान मिलने के बजाय उन्हें ही डांट पिलाई जाती है और वे बिखर पड़ते हैं। यह उदासीन रवैया चिंताजनक है। सूबेदार मेजर जयपाल सिंह रावत ने ईसीएचएस और पैनल वाले अस्पतालों में पूर्व सैनिकों को हो रही परेशानियों पर भी चिंता व्यक्त की। इस मौके पर कोषाध्यक्ष कैप्टन विजय सिंह रावत ने आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया। बैठक में सूबेदार मेजर आरसी एस रावत, सूबेदार मेजर बादर सिंह रावत, सूबेदार मेजर डीपी बडोनी, सूबेदार मेजर गोबिंद सिंह रावत, सूबेदार मेजर राजे सिंह नेगी, सूबेदार राम प्रसाद जुयाल और सूबेदार बीरेंद्र सिंह रावत शामिल रहे।