जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कुछ दिन पूर्व शहर में दुकान का नाम बदलने को लेकर हुए विवाद के बाद शहर में शांति व्यवस्था व सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूर्व सैनिकों ने रैली निकाली। इस दौरान आमजन को सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया। कहा कि शहर की शांति व्यवस्था बनी रहें इसके लिए सभी को गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
सोमवार को पूर्व सैनिकों ने महेंद्र पाल सिंह रावत के नेतृत्व में मालवीय उद्यान से तहसील तक रैली निकाली। वक्ताओं ने कहा कि कोटद्वार को गढ़वाल का द्वार कहा जाता है। इसलिए यहां पर शांति व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। इसके उपरांत प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भी पत्र भेजा गया। जिसमें वन रैंक-वन पेंशन की विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई गई। कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी सरकार समस्या को लेकर लापरवाह बनी हुई है। कहा कि पूर्व सैनिकों को वन रैंक-वन पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति से वन रैंक-वन पेंशन में आ रही विसंगतियों को दूर करवाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देशित किए जाने की मांग की है। उन्होंने यूजीसी के नियमों में जोड़े गए अधिनियमों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। कहा कि इस प्रकार के अधिनियमों के लागू होने से समाज में खाई पैदा हो जाएगी, जिससे आपसी सौहार्द खराब होने की संभावना है। पूर्व सैनिकों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर मेहरबान सिंह, अनसुया प्रसाद सेमवाल, सुषमा भट्ट, देवेंद्र सिंह रावत, गोपाल सिंह, जीत सिंह, ठाकुर सिंह, अनुसूया प्रसाद गोस्वामी, शूरबीर खेतवाल, त्रिलोक सिंह, ओमप्रकाश, प्रकाश रावत मौजूद रहे।