जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शहर में व्याप्त समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर उत्तराखंड विकास समिति ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि पूर्व में कई बार आश्वासन के बाद भी आज तक कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाया है। यही नही कॉलेज के लिए चिह्रित भूमि को भी खननकारियों ने बर्बाद कर दिया है। समिति से शहर से अतिक्रमण नहीं हटने पर भी अपना रोष व्यक्त किया।
शुक्रवार को समिति की बैठक आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कोटद्वार शहर की अनदेखी कर रही है। दशकों से व्याप्त समस्याओं के निराकरण के लिए आज तक कोई योजना तैयार नहीं की गई। बाजार में लगातार अतिक्रमण नासूर बनता जा रहा है। जिसके कारण आमजन का सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। बावजूद, लोक निर्माण विभाग व नगर निगम गहरी नींद में सो रहा है। मेडिकल कालेज के लिए स्वीकृत भूमि अवैध खनन की भेंट चढ़ने लगी है। कहा कि शहर की समस्याओं का बेहतर निराकरण हो इसके लिए अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों को गंभीरता से कार्य करना होगा। बैठक में केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया। सदस्यों ने दो मिनट का मौन धारण कर उनकी आत्मा शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष जानकीबल्लभ मैंदोला, गोपाल कृष्ण, सावित्री देवी, विपुल उनियाल, दुर्गा प्रसाद आदि मौजूद रहे।