बेस अस्पताल में बढ़े घुटने, कमर व गर्दन दर्द के मरीज
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लगातार गिरता तापमान पुराने दर्द को उभारने लगा है। हालत यह है कि बेस अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों में भी प्रतिदिन जोड़ों, घुटनों, कमर व गर्दन दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। पुराने दर्द से सबसे अधिक बुजुर्ग जन परेशान हो रहे हैं। सर्द मौसम में चिकित्सक लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
बेस अस्पताल में प्रतिदिन तीन सौ से चार सौ मरीज ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं, जिसमें सौ से डेढ़ सौ मरीज हड्डी दर्द से संबंधित हैं। मरीज जोड़ों के दर्द, घुटनों के दर्द, कमर दर्द व गर्दन के दर्द से पीड़ित हैं। सोमवार को भी हड्डी रोड विभाग की दोनों ओपीडी में मरीजों की कतार लगी नजर आई। वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ की माने तो गठिया के मरीजों के लिए ठंड का मौसम पीड़ादायक होता है। तापमान कम होने व गलन बढ़ने के साथ जोड़ों का दर्द असहनीय होता जाता है। यही वजह है कि गठिया के मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। मौसम में खून का दौरा कम होने से जोड़ों में सूजन, अकड़न व दर्द की शिकायत भी बढ़ जाती है, इसीलिए मरीजों को सलाह दी जाती है कि वह जोड़ों को गर्म रखें। मौसम में जैसे ही गलन बढ़ेगी, यह परेशानी ज्यादा हो जाएगी। जोड़ों का दर्द सर्दियों में उन लोगों में ज्यादा बढ़ जाता है, जिन्हें पहले से गठिया, ऑस्टियो आर्थराइटिस या हड्डियों से जुड़ी कोई परेशानी है। हालांकि, बदलती लाइफ स्टाइल व शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
ठंड में बढ़ते दर्द से बचाव के उपाय
ऊनी कपड़े, मोजे और घुटनों पर पट्टी का उपयोग का करें। साथ ही सुबह-शाम स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज करें। सरसों या तिल के तेज से मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है। नहाने और सिकाई के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त आहार लें। ठंडी हवा और नमी से खुद को सुरक्षित रखें।