रुद्रपुर। विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। कुलपति ने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब विश्वविद्यालय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ई-फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसानों की समस्याओं का तेजी से समाधान करेगा। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय पिछले 66 वर्षों से लगातार कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध, तिलहन और मत्स्य उत्पादन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यहां विकसित की गई 361 से अधिक उन्नत किस्में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं, वहीं नई तकनीकों और शोध के माध्यम से कृषि को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए गए समझौतों से शोध, नवाचार और स्टार्टअप को नई दिशा मिली है। बताया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रयासों से आधुनिक तकनीक सीधे किसानों के खेत तक पहुंच रही है। इससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। वहीं छात्रों का देश-विदेश की बड़ी कंपनियों में चयन विश्वविद्यालय की गुणवत्ता को दर्शाता है। अंत में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में अपनी क्षमताओं को और मजबूत करते हुए प्रदेश के किसानों और युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगा और देश के कृषि विकास में अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रखेगा।