लालढांग क्षेत्र में यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान

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हरिद्वार। लालढांग क्षेत्र के किसानों को सहकारी सहमिति और गन्ना समिति के विक्रय केंद्र पर फसलों के लिए यूरिया और डीएपी खाद नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों को प्राइवेट दुकानों से महंगे दाम पर यूरिया खरीदना पड़ रहा है। जहा एक बोरे यूरिया की कीमत 267 रुपये है, वहां किसानों को निजी दुकानों से 300 से 350 में यूरिया खरीदना पड़ रहा है। लालढांग क्षेत्र की ग्यारह पंचायतों की लगभग चार हजार हैक्टेयर भूमि पर षि कार्य किया जाता है। फसल उगाने के लिए किसानों को खाद, बीज और रासायनिक दवाओं की जरूरत होती है। लेकिन क्षेत्र की सहकारी सहमिति और गन्ना समिति के विक्रय केंद्र पर खाद की आपूर्ती मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है। जिसके लिए किसान प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर है और किसानों को मांग के अनुरूप कभी भी रसायनिक उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लालढांग, गैंडी खाता, मीठीबेरी, चमरिया, दूधला दयालवाला, पीली पढ़ाव, सज्जनपुर, श्यामपुर आदि के दो हजार से ज्यादा किसानो को लगभग सौ टन यूरिया और डीएपी की मांग है, लेकिन पिछले तीन महीने से किसानों को उरवर्क खाद नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय किसान रघुवीर सिंह, सर्वजीत सिंह, मंजीत सिंह, बाबूराम, गुरदेव सिंह, जयपाल सिंह आदि का कहना है कि लालढांग स्थित गन्ना और साधन सहकारी समिति में समय पर खाद आपूर्ती नहीं हो पाता पा रही है। ऐसे में किसानों को निजी दुकानदारों के हाथों लूटना पड़ रहा है। क्षेत्र में बारिश के बाद गन्ना और धान रोपाई के लिए यूरिया और डीएपी खाद की जरूरत है। लेकिन समितियों मे खाद उपलब्ध नहीं है। वही, साधन सहकारी समिति लालढाग के सचिव भूपेश शर्मा ने बताया कि यूरिया की डिमांड जिले

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