नई टिहरी()। भूतत्व खनिकर्म विभाग ने राजस्व विभाग के साथ अलकनंदा नदी क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर स्वीकृत पट्टे की आड़ में अवैध खनन कर रहे पट्टाधारक का चालान किया है। खनन नियमावली का उल्लंघन करने पर विभागीय टीम ने खनन रॉयल्टी के चार गुना करीब 32 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए खनिकर्म विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। टिहरी खनिकर्म विभाग ने कीर्तिनगर तहसील के चौरास क्षेत्र में अलकनंदा नदी पर ग्राम नौर की सीमा में स्वीकृत चुगान/लॉट पर पट्टा धारक द्वारा स्वीकृत लॉट से बाहर नौर क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत पर टीम ने क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि टीम ने पौड़ी क्षेत्र के ग्राम भलगांव में स्वीकृत पट्टे की आड़ में स्वीकृत सीमा से बाहर टिहरी जिले की सीमा में स्थित नौर गांव के खसरा नंबर 988 में अलग-अलग 16 जगहों पर रात को अवैध खनन होना पाया है। बताया गया कि टिहरी क्षेत्र के नौर गांव में 6517.48 घनमीटर अवैध खनन कर दिया गया। खनन नियमावली का उल्लंघन करने पर देय रायल्टी का चार गुना के आधार पर पट्टेधारक के खिलाफ 32 लाख 84 हजार 792 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। विभागीय अधिकारी ने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए टीम चौकसी बरत रही है। शिकायत मिलने पर शीघ्र कार्रवाई की जा रही है।
टिहरी जिले के चौरास सीमा क्षेत्र में अलकनंदा नदी पर आवंटित लॉट की आड़ में भारी मात्रा में अवैध खनन की शिकायत मिलने पर जांच टीम गठित की गई। मौके पर अवैध खनन की पुष्टि होने के बाद पट्टाधारक पर करीब 32 लाख 84 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। – रवि नेगी, जिला खनन अधिकारी टिहरी।