बागेश्वर। काफलीगैर तहसील के एक गांव में निजी भूमि में लगाई गई आग एक किसान की नर्सरी तक पहुंच गई। एक साल से तैयार 50 से अधिक फलदार पौधे जलकर राख हो गए हैं। किसान ने वन विभाग से कार्रवाई की मांग की है। किसान नरेंद्र सिंह ने वन विभाग को बताया कि उन्होंने उद्यान विभाग और अन्य नर्सरी से पौधे लाकर अपने घर में नर्सरी तैयार की थी। शुक्रवार की शाम एक व्यक्ति ने अपनी निजी जमीन पर खरपतवार जलाने के लिए आग लगाई। रात में हवा चलने पर आगे उनकी नर्सरी तक पहुंच गई। जब तक वह आग बुझाते आग ने उनकी नर्सरी को पूरी तरह जला दिया। नर्सरी में आम, अमरुद, चीली, नींबू समेत कई प्रजाति के पौधे लगे थे। आग बुझाने में हरीश राम, पूरन राम जोगा राम ने मदद की। जंगलों में आग से वातावरण में धुंध इलाके में काफलीगैर, धरमघर, गरुड़ वन रेंज के जंगल सुलग रहे हैं। आग के कारण वातावरण में धुंध बढ़ गई है। कौसानी, विजयपुर तथा कांडा से अब हिमालय का विहंगम दृश्य पर्यटक धुंध के कारण नहीं देख पा रहे हैं। लोगों ने वन विभाग से आग पर काबू पाने की मांग की है। डीएफओ आदित्य रत्न ने लोगों से खर परवार नहीं जलाने की अपील की। कहा कि यदि जलाना जरूरी है तो इसकी सूचना वन विभाग को दें, ताकि फायर वॉचर की निगरानी में उसे नष्ट किया जा सके। जंगल की आग पर वन विभाग पूरी तरह नजर रखे हुए है।