श्रीनगर गढ़वाल : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड के गणित विभाग की ओर से पांच दिवसीय ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवक्र्स (जीआईएएन) पाठ्यक्रम का शुभारंभ हुआ। वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए डेटा-आधारित चिंतन, मॉडलिंग एवं सांख्यिकीय निष्कर्षण विषय पर आयोजित यह पाठ्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए लगभग 6 लाख के अनुदान से 23-27 दिसंबर तक संचालित किया जाएगा।
मुख्य अतिथि एमएनआईटी भोपाल एवं उत्तराखंड एनआईटी के निदेशक प्रो. केके शुक्ल ने कहा कि डेटा-आधारित अनुसंधान, गणितीय मॉडलिंग और सांख्यिकीय विश्लेषण आज वैश्विक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम संस्थान की अकादमिक प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करते हैं। विदेशी विशेषज्ञ के रूप में फैकल्टी, साउथ माउंटेन कम्युनिटी कॉलेज, फीनिक्स (अमेरिका) के डॉ. अनुज मुबायी ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को गणितीय मॉडलिंग, सांख्यिकीय महामारी विज्ञान, डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक उपकरणों से परिचित कराएगा। गणित विभाग, एनआईटी उत्तराखंड की ओर से पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने पोस्ट कोविड-19 युग में इस पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सह पाठ्यक्रम समन्वयक के रूप में डॉ. शशांक भातरा, कुलसचिव हरि मौल आजाद, डीन डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. डीबी सिंह आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)