श्रीनगर गढ़वाल : राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड द्वारा भारत सरकार एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (निमहांस)बैंगलोर के सहयोग से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में आयोजित पांच दिवसीय मनोसामाजिक सहायता प्रशिक्षण कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सतत प्रयासों का नतीजा है कि स्वास्थ्य कर्मी राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला से प्रशिक्षण लेकर दक्ष बने रहे हैं। कहा कि पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में डॉक्टरों और काउंसलरों ने जो अनुभव और ज्ञान प्राप्त किया है, वह भविष्य में उनके कार्यक्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हमारी जागरूकता जनता और संवेदनशील स्वास्थ्यकर्मी ही प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसी प्रशिक्षण कार्यशालाएं किसी भी आपदा के समय प्रदेश की चिंता और जनता की चिंता को कम करने में मील का पत्थर साबित होंगी। बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को राज्य स्तर पर एक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण नियमित रूप से कराया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को हर क्षेत्र में निपुण और आपदा-प्रबंधन सक्षम बनाना है। इस दौरान निमहांस, बैंगलोर से आए विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार मणिकप्पा, डॉ. के. शेखर (परामर्शदाता) और डॉ. अनिल ने आपदा के दौरान एवं बाद में पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभावों और उनके समाधान के व्यावहारिक तरीके सिखाए। मौके पर डॉ. संजीव, राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखंड के सहायक निदेशक डॉ. पंकज सिंह, मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. मोहित सैनी आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)