बागेश्वर। बारिश थमते ही जिले के जंगल एक बार फिर आग की चपेट में आ गए हैं। रविवार को बागेश्वर और गरुड़ क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर जंगलों में भीषण आग लग गई, जिससे वन संपदा के साथ-साथ रिहायशी इलाकों पर भी खतरा मंडराने लगा। बागेश्वर रेंज के रवाईंखाल के पास रविवार सुबह करीब 11 बजे जंगल में आग भड़क उठी, जो देखते ही देखते रवाईंखाल से सिमार तक फैल गई। तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और चीड़ के जंगल धू-धूकर जलने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी और आग पर जल्द काबू पाने की मांग की। रेंजर केवलानंद पांडेय ने बताया कि सूचना मिलते ही वन कर्मियों को मौके पर भेज दिया गया है और आग बुझाने का प्रयास जारी है।वहीं, गरुड़ क्षेत्र के अयारतोली में रविवार दोपहर करीब एक बजे सड़क किनारे जंगल में आग लग गई, जो तेजी से फैलते हुए ग्रामीणों के मकानों के नजदीक तक पहुंच गई। स्थिति गंभीर होते देख ग्रामीणों ने वन विभाग, दमकल और पुलिस को सूचना दी। तीनों विभागों की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना की सूचना मिलते ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि आग की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को सतर्क किया गया। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कांडपाल ने लोगों से अपील की कि वनों को बचाना सभी की जिम्मेदारी है और आगजनी करने वालों की सूचना विभाग को दें। उन्होंने बताया कि सूचना देने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।लोगों को सतर्क रहने को आगाह कियागौरतलब है कि पिछले सप्ताह हुई बारिश के चलते जंगलों में आग की घटनाओं पर कुछ हद तक रोक लगी थी, लेकिन मौसम साफ होते ही फायर सीजन फिर सक्रिय हो गया है। प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आगजनी की सूचना तुरंत देने की अपील की है।