जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड क्रांति दल के संरक्षक डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि वन अधिनियम के कारण प्रदेश में कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग भी इसी वन कानून के कारण धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। कहा कि प्रदेश सरकार को वन जीव व वन कानूनों में सुधारीकरण करना चाहिए।
कोटद्वार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डा. शक्ति शैल कपरवाण ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन कानून में सुधार किया जाना चाहिए। राजा जी पार्क और राष्ट्रीय नेशनल कॉर्बेट पार्क के कानून से पीड़ित यमकेश्वर दुगड्डा, द्वारीखाल, नैनीडांडा, जयहरीखाल आदि विकासखण्डों में जंगली जानवरों व वन कानून बाधा बन रहा है। इससे कई क्षेत्रों में विकास नहीं हो पा रहा है। जिससे ग्रामीण पलायन के लिए मजबूर हो रहा है। कपरवाण ने सरकार से मांग की है कि आम जनता व उनके पालतू पशुओं को हिंसक जानवरों से रक्षा करने और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली जानवरों से बचाने के लिए ठोस कानून बनाने चाहिए। ग्रीन बोनस के रूप में पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रति परिवार को बीस हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाए। जिससे वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। उन्होंने पहाड़ में स्वास्थ्य व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की मांग उठाई। कोटद्वार में मेडिकल कालेज निर्माण, अधुनिक बस अड्डा निर्माण की भी मांग उठाई गई। कहा कि स्थानीय जनता लगातार बेहतर सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। इस मौके पर उक्रांद के महानगर अध्यक्ष जग दीपक सिंह रावत, महेंद्र सिंह रावत, सत्यपाल सिंह नेगी, भारत मोहन काला, उमेद सिंह भंडारी, गुलाब सिंह रावत, अंबर कपरवाण आदि मौजूद रहे।