यूयूएसडी की ओर से विभिन्न वार्डों में बिछाई गई थी पेजयल लाइन
लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं होने से बढ़ी चुनौती
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शहर में पेयजल लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क ने वार्डवासियों की चुनौती बढ़ा दी है। वार्डों में जगह-जगह टूटी सड़कें राहगीरों की कमर तोड़ रही है। मिट्टी सूखने के बाद वाहनों के संचालन से धुएं का गुब्बार बन रहा है। वार्डवासी कई बार सड़क मरम्मत के लिए नगर निगम से शिकायत भी कर चुके हैं। लेकिन, अब तक इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
शहर के हर घर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए योजना बनाई गई। उत्तराखंड अर्बन सेंटर डेपलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) ने इसकी कार्य योजना तैयार की। परियोजना एशियन डेपलपमेंट बैंक (एडीबी) से वित्त पोषित 325 करोड़ की लागत से बनी, जिसके तहत तीन सौ किलोमीटर पाइप लाइन बिछाकर 22 हजार से अधिक आबादी को पेयजल कनेक्शन दिए जाने थे। योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के साथ ही ओवरहैड टैंक व नलकूप निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने नगर निगम क्षेत्र के अधिकांश वार्डों में सड़क की खुदाई कर पेयजल लाइन बिछाने का कार्य भी पूर्ण कर लिया है। लेकिन, लाइन के ऊपर बेतरतीब तरीके से मिट्टी डालने के बाद संबंधित कार्यदायी संस्था चली गई। नतीजा, अब वार्डवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर बीच सड़क पर गड्ढे तक बन गए हैं। ऐसे में राहगीरों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है।
स्कूलों के आसपास परेशानी
सड़क बदहाल होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूलों के आसपास हो रही है। छुट्टी होने पर वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त मार्ग तक नहीं मिल पाता। यही नहीं कई स्थानों पर खुदाई के दौरान निकली बड़े-बड़े पत्थरों को सड़क पर रखा गया है। ऐसे में राहगीरों को पैदल चलने तक का रास्ता नहीं मिल पाता। लोगों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने नगर निगम से शिकायत की थी। लेकिन, नगर निगम समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा।