जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने भूमि बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक व्यक्ति को चार वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी की पत्नी को दोषमुक्त किया गया है।
मामला 12 जनवरी 2023 का है। देहरादून के अंतर्गत कन्हैया विहार (कारगी ग्रांट) निवासी मयंक डोभाल की ओर से कोतवाली में पदमेंद्र व उनकी पत्नी रीमा के खिलाफ तहरीर दी गई है। तहरीर में कहा गया है कि पदमेंद्र व रीमा ने उन्हें कोटद्वार के दुर्गापुरी में 1650 वर्ग फीट भूमि दिलाने के नाम पर उनसे सोलह लाख रूपए विभिन्न चैकों व दो लाख रूपए नकद लिए। नकदी लेकर अगस्त 2022 में रजिस्ट्री करवाने की बात कही। लेकिन, बाद में भूमि पर विवाद होने की बात कह ग्राम मगनपुर में पांच बिस्वा भूमि दिलाने की बात कही। 30 अगस्त 2022 को उनके व रीमा के बीच इस भूमि का एग्रीमेंट हुआ व दो सप्ताह में रजिस्ट्री किए जाने की बात कही गई। लेकिन, अभी तक रजिस्ट्री नहीं करवाई गई। पुलिस ने 31 मार्च 2023 को पदमेंद्र और 14 सितंबर को रीमा को गिरफ्तार किया। हालांकि, रीमा की 14 सितंबर को ही जमानत हो गई, जबकि पदमेंद्र अभी जेल में है। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही थी। मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज द्विवेदी की अदालत ने मामले में पदमेंद्र को दोषी पाते हुए चार वर्ष का साधारण कारावास सुनाया। साथ ही दस हजार का अर्थदंड भी सुनाया गया है। अर्थदंड न देने पर तीन माह का साधारण कारावास सुनाया जाएगा। न्यायालय ने रीमा देवी दोषमुक्त करार दिया है।