चमोली : श्री बदरी विशाल के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्री बदरीश डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अनुसार सात अप्रैल को गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा शुरू होगी जो 10 अप्रैल को डिम्मर पहुंचेगी। 10 दिनों के प्रवास के बाद 20 अप्रैल को यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना होगी और 23 अप्रैल को बदरीनाथ के कपाट खुल जाएंगे। डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि सात अप्रैल को नरेंद्रनगर के राज दरबार में महाराजा मनुजेंद्र शाह की उपस्थिति में माला राज्य लक्ष्मी शाह और सुहागिन महिलाओं की ओर से तिलों का तेल पिरोया जाएगा। इसके बाद शाम को गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा रवाना होगी जो रात्रि विश्राम के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की चेला चेतराम धर्मशाला ऋषिकेश पहुंचेगी। इसके बाद देवप्रयाग, श्रीनगर, कर्णप्रयाग होते हुए 10 अप्रैल को डिम्मर पहुंचेगी। यहां गांव में डिमरी पुजारियों की ओर से तेल कलश को श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में रखा जाएगा। दस दिनों तक भगवान लक्ष्मीनारायण के साथ ही तेल कलश की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद 20 अप्रैल को विधि विधान से तेल कलश यात्रा ज्योतिर्मठ के लिए रवाना होगी। यात्रा 22 अप्रैल को बदरीनाथ पहुंचेगी और 23 अप्रैल को विधि-विधान के साथ कपाट खुल जाएंगे। (एजेंसी)