चंद्र ग्रहण के कारण दिन में हुई हरकी पैड़ी पर गंगा आरती

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हरिद्वार। चंद्र ग्रहण के कारण रविवार रात को धर्मनगरी में धार्मिक गतिविधियों का समय बदल गया। ग्रहण से पहले लगने वाले सूतककाल का पालन करते हुए शहर के समस्त प्रमुख मंदिरों के कपाट रविवार दोपहर 12:57 बजे से बंद कर दिए गए। आम दिनों में जहां हर की पैड़ी पर शाम को भव्य गंगा आरती होती है, वहीं रविवार को विशेष परिस्थितियों के चलते गंगा आरती दोपहर साढ़े बारह बजे ही संपन्न कराई गई। ग्रहण का सूतक काल शुरू होने के कारण मंदिरों में पूजा-अर्चना और दैनिक आरती क्रम बाधित रहा। गंगा तट पर होने वाली संध्या आरती को देखने के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस बार विशेष परिस्थिति का अनुभव करना पड़ा। दोपहर में हुए इस आयोजन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा आरती का साक्षी बने। श्रीगंगासभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि पंडितों ने बताया कि रविवार को पूर्ण रुप से चंद्रग्रहण रात्रि को 9:57 मिनट से आरंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों के अनुसार नौ घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूतक काल में भगवान की प्रतिमा को स्पर्श करना वर्जित माना गया है। साथ ही धार्मिक अनुष्ठान करना वर्जित होता है। इसलिए परंपरानुसार हर की पैड़ी सहित समस्त मंदिरों में पूजा-अर्चना 12:57 पर रोक दी गई। चंद्र ग्रहण ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और विशेष पूजा के उपरांत कपाट खोले जाएंगे। धर्मनगरी में इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित करने के लिए पहुंचे।
सभी मंदिरों के कपाट रहे बंद: चंद्र ग्रहण के चलते सूतक काल आंरभ होते ही धर्मनगरी के सभी मंदिरों के कपाट 12:57 पर बंद कर दिए गए। धर्मनगरी के हरकी पैड़ी के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। इसके अतिरिक्त मनसा देवी, चंडी देवी, दक्ष मंदिर, बिल्वकेश्वर आदि सभी मंदिरों के कपाट को बंद कर दिया गया।

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