गर्मियां आते ही गहराने लगा पेयजल संकट

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चमोली। गर्मियां शुरू होते ही चमोली जिले में पानी का संकट गहराने लगा है। गांव, हो या नगर क्षेत्र, सब जगह पेयजल संकट गहराया हुआ है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में तो दो दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। अधिकारी उपभोक्ताओं को सिर्फ कोरे आश्वासन देकर लौटा रहे हैं। गोपेश्वर मुख्यालय क्षेत्र में विभागीय लापरवाही के चलते सर्दियों में भी पेयजल की दिक्कत रहती है, लेकि गर्मी शुरू होते हुए परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। मंदिर मार्ग, हरिओम कॉलोनी, वसंत विहार समेत कई स्थानों पर तो बीते एक महीने से पानी नहीं आ रहा है। वहीं, दो दिन से पूरे नगर क्षेत्र में पेयजल सप्लाई बाधित है। बताया जा रहा है कि नगर को पेयजल आपूर्ति करने वाली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कर दी गई है। मगर उपभोक्ताओं के घरों में अभी तक पानी नहीं आ रहा है। हरिओम कॉलोनी निवासी विजय सिंह रावत का कहना है कि उनके घर पर एक माह से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता से कई बार शिकायत की गई, लेकिन आपूर्ति सुचारू नहीं की जा रही है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि पेयजल लाइन की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास कि जा रहे हैं।
दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल संकट शुरू हो गया है। थराली विकासखंड के गडकोट ग्राम सभा के नवोली गांव में पेयजल लाइन लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। ग्रामीणों का कहना है कि तब से वे पांच किमी पैदल चलकर प्राकृतिक स्त्रोत से पानी ढो रहे हैं। यहां स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे अपने साथ बोतल, गैलन, बाल्टी और गागर आदि लेकर जाते हैं और वापस आने पर इन बर्तनों में पानी लेकर घर आते हैं। इन्हें कई बार रास्ते में जंगली जानवरों का भी सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी व उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी के थराली विधानसभा संयोजक मनोज सिंह पंवार ने इस संबंध में जिलाधिकारी को भी ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की है।

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