राइका कैंडुल का भवन जर्जर, जान माल का बना खतरा

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
द्वारीखाल ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज कैंडुल का भवन जर्जर बना हुआ है। वहीं सुरक्षा दीवार न होने से जंगली जानवर विद्यालय परिसर में घुस जाते है। जिस कारण हर समय जान माल का खतरा बना रहता है। इस विद्यालय में क्षेत्र के लगभग 16 गांवों के बच्चों के शिक्षा ग्रहण करने आते है। जिनमें से अधिकांश निर्धन छात्र है, जो कि अन्यत्र शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ है। स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति ने प्रदेश सरकार से शिक्षा विभाग को निरीक्षण दल गठित करने, विद्यालय के भवन की मरम्मत कराने, सुरक्षा दीवार बनवाने, रिक्त पदों पर नियुक्ति करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।
समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि वर्ष 1998 में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना की गई। वर्तमान में विद्यालय का भवन जीर्ण क्षीर्ण स्थिति में है। विद्यालय में दस कक्षा-कक्ष है। प्रधानाचार्य कार्यालय सहित आठ कक्ष पूरी तहर से क्षतिग्रस्त हो चुके है। हालत यह है कि हल्की सी बारिश में भी विद्यालय बंद करना पड़ता है। जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। ग्राम कैंडुल व ढांगर की सीमा पर जंगल के समीप स्थित इस विद्यालय में न तो चार दीवारी है न शौचालय व स्वच्छ पेयजल टैंक की व्यवस्था है। इसके अलावा बेखौफ जंगली जानवर विद्यालय परिसर में घूमते हुए नजर आते है। ऐसी स्थिति में एक ओर तो जंगली जानवरों का भय तो दूसरी ओर जर्जर भवनों के गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की दुर्दशा के कारण छात्र संख्या 250 से घटकर मात्र 102 रह गई है। शिक्षा विभाग की अनदेखी से बच्चों की सुरक्षा व अध्ययन के प्रति आशंकित अभिभावकों बच्चों को स्कूल छुड़वाने का मन बना चुके है। वर्तमान में विद्यालय में अंग्रेजी का अध्यापक, हेड क्लर्क सहित दफ्तरी व चपरासी का पद रिक्त है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण शिक्षा निर्धन छात्रों की पहुंच से दूर होती जा रही है। जबकि शिक्षा ही समाज व देश की मुख्य रीढ़ है।

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