विकासनगर। जनजातीय क्षेत्र जौनसार के कुछ गांवों में गोगा नवमी (गोगाड़) को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। जिसके लिए ग्रामीण सावन माह में गोगावीर के चिन्हों को स्नान कराने के लिए हरिपुर यमुना घाट पर ले जाते हैं। इसी कड़ी में सोमवार को अष्टी डाबरा गांव के ग्रामीण मुन्ना, किशयराम आदि ने गांव स्थित गोगावीर माडी से सुबह विधि विधान पूर्वक वीर के चिन्हों निशान (झंडा), शंख, त्रिशूल, करोड़ा, डमरू को बाहर निकालकर स्नान के लिए ले गए। जौनसार में 16 अगस्त को गोगाड़ (गोगा नवमी) मनाई जाएगी। जिसके लिए तैयारी जोरों पर चल रही है। क्षेत्र के सैंसा, उदपाल्टा, लोरली, अष्टाड़, लेल्टा, सुरेऊ, तांगडी, कलेथा, लुहारवा, धिरोग, मलोग, लुंवाठा आदि गांवों में बड़े हर्षोल्लास के साथ गोगा नवमी पर्व को मनाया जाता है। क्षेत्र के अलग-अलग गांव गोगावीर के चिन्हों को सावन के महीने में अलग-अलग दिन गोगा नवमी के पहले दिन तक स्नान कराते हैं। मान्यता है कि गोगावीर की पूजा अर्चना करने से निसंतान दंपतियों को संतान प्राप्ति होती है। साथ ही गोगावीर किसानों के पशुधन की रक्षा करते हैं और कृषि में वृद्धि होती है। जिस कारण स्थानीय लोग गोगावीर की पूजा करते है। पर्व के दिन पूरी रात्रि को भजन कीर्तन कर लोग सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। क्षेत्रीय लोगों धूमिया, धरमू, जितू आदि का कहना है कि पर्व के दिन वीरमाडी पर मीठे प्रसाद का वितरण किया जाता है और हर घर में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं।